Thursday, 17 December 2009

जिंदगी जी ली हमने

इस फुलोंसी हसी मे जिंदगी जी ली हमने,
तेरी इन आँखो मे सारी खुदाई पा ली हमने ...

फुलो की वादियोँ मे तो खोते है सभी ,
तुम्हारी प्यारी खुशबू मे, वो वादिया पा ली हमने ....

छ्लके हुए जामों से तो पिते है सभी,
जिंदगी शराब सी , तुम्हारी इन आँखो से पी ली हमने ...

रातो की चमकती चांदनी तो देखते है सभी,
मेरी ये चांदनी , जुल्फो की रात मे ही देख ली हमने ...

धूप भरी राहोपर, साये तले रुकते है सभी,
वो थंडी छाया, तुम्हारी पलको तले ही पा ली हमने ...

इस जहाँ मे तो दिल तो धडकते है सभी,
दिल क्या ? तुम्हे ही धडकन भी बना ली हमने ..

इस फुलोंसी हसी मे जिंदगी जी ली हमने .....
तेरी प्यारी आँखो मे सारी खुदाई पा ली हमने ...

                                                                 केदार - १८/१२/२००९

2 comments:

Vrushali said...

kabhi gum se, to kabhi khushi se...kahin bhi ho yaron..JINDAGI jee lee humne...

Sapana said...

mast zaliye... jik tu
keep it up..!!
:)