इस फुलोंसी हसी मे जिंदगी जी ली हमने,
तेरी इन आँखो मे सारी खुदाई पा ली हमने ...
फुलो की वादियोँ मे तो खोते है सभी ,
तुम्हारी प्यारी खुशबू मे, वो वादिया पा ली हमने ....
छ्लके हुए जामों से तो पिते है सभी,
जिंदगी शराब सी , तुम्हारी इन आँखो से पी ली हमने ...
रातो की चमकती चांदनी तो देखते है सभी,
मेरी ये चांदनी , जुल्फो की रात मे ही देख ली हमने ...
धूप भरी राहोपर, साये तले रुकते है सभी,
वो थंडी छाया, तुम्हारी पलको तले ही पा ली हमने ...
इस जहाँ मे तो दिल तो धडकते है सभी,
दिल क्या ? तुम्हे ही धडकन भी बना ली हमने ..
इस फुलोंसी हसी मे जिंदगी जी ली हमने .....
तेरी प्यारी आँखो मे सारी खुदाई पा ली हमने ...
केदार - १८/१२/२००९
2 comments:
kabhi gum se, to kabhi khushi se...kahin bhi ho yaron..JINDAGI jee lee humne...
mast zaliye... jik tu
keep it up..!!
:)
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