फिर इन पलों में जो खिलता बहरता हैं, उसे हम प्यार केहेंते हैं !!
मिलते हैं दो दिल, हर दिन हर पल वो बेकरार होते हैं ...
दिल में हैं पर जो जुबाँ पे नहीं आता, उसे हम इक़रार केहेंते हैं !!
दिन रात अकेले है उनकी यादो में, हर शाम उन्ही की आहें भरते हैं ..
खिल जाती हैं हर शाम जिनके आने से, उन्हें हम जान-ए-बहार केहेंते हैं !!
देखने भर हीं से उन्हें, जो हो नशा, उसे हम खुमार केहेंते हैं ..
न होने से उनके जो रो पड़े दिल, उसे हम आबशार केहेंते हैं !!
दी है ये "जाँ" खुदा ने, अब हर सांस उन्ही के नाम करतें हैं ...
हर पल हर कतराँ हर धड़कन , उन्हीपे ये अब निसार करते है ..!!
इक हल्का प्यारा सा एह्सांस, जो मेरा हीं हो हमेशा ... फिर उसीको हम प्यार केहेंते हैं
...फिर उसीको हम प्यार केहेंते हैं...!!
केदार (७ मार्च २०१० )
खिल जाती हैं हर शाम जिनके आने से, उन्हें हम जान-ए-बहार केहेंते हैं !!
देखने भर हीं से उन्हें, जो हो नशा, उसे हम खुमार केहेंते हैं ..
न होने से उनके जो रो पड़े दिल, उसे हम आबशार केहेंते हैं !!
दी है ये "जाँ" खुदा ने, अब हर सांस उन्ही के नाम करतें हैं ...
हर पल हर कतराँ हर धड़कन , उन्हीपे ये अब निसार करते है ..!!
इक हल्का प्यारा सा एह्सांस, जो मेरा हीं हो हमेशा ... फिर उसीको हम प्यार केहेंते हैं
...फिर उसीको हम प्यार केहेंते हैं...!!
केदार (७ मार्च २०१० )
20 comments:
कस सुचत तुला हे? एकदम झकास. :-)
sahi.... Ek Number!!!
ekdam sahi...khuup chan...ani to sahi photo sobat taklays mhanun ajun maja yete...keep it up mitra...
Kyaa baat hai..!! :)
mastach zkeli ahes....
Hey KD ! Nice. aata fakta he je kavitet aahe te lavkar pratyakshat yeu dya! :P,:D, ;)
Bhaari, zakas!!
Ek number!! great ahes yaar!!
Behind every successful man there is woman.. and behind kedar there are many.. Dedicated to 10/10 ??:)
Hey kedar, Ekdam masta zhali aahe re... Khupach chan!!!
Ekdam sahi chhan
hey Rohit i agree with u kedar dada to mhanto te khara ahe ka?
Behind every successful man there is woman
cool............ tu khup chhan lhitos........ zakasch............ lai bhari
zakas!!!!!!!!!......mala mahit navta tu itka chan lihitos....gud....ekdum bharich....... :)
Mast ahe re !!!
mastach re
too good.. true feelings in simpler words.. yet very touchy..
--आहाहा.. अगदी रोमांचित !!!!!!ही तुझी आता पर्यन्त ची सर्वात सुंदर अणि अगदी मनापासुन सांगायचा तर सर्वात हृदयस्पर्शी कविता आहे...
अवधूत च्या भाषेत सांगायचा तर अगदी... "तोड़लास मित्रा !!!"
मित्रा तोडलस ! अप्रतिम ! आज चक्क मायबोलीत लिहायची कशी बरे स्फुर्ती (उपरती !) झाली ?!!!
khupacha chhan :)
दिल में हैं पर जो जुबाँ पे नहीं आता, उसे हम इक़रार केहेंते हैं !!
.. wah wah .. todalas mitra !!
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